19
Aug
देहरादून। उत्तराखण्ड की भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव को अब दूसरे राज्यों में भी पहचान मिल रही है। उत्तराखण्ड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केन्द्र यूएलएमएमसी ने राज्य की सीमाओं से बाहर अपनी तकनीकी दक्षता का सफल उपयोग करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूएलएमएमसी को पहली बार किसी बाहरी राज्य की परियोजना में प्रदान की गई तकनीकी सेवाओं के एवज में ₹4.21 लाख की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह राशि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई गई डीपीआर तथा तकनीकी परामर्श एवं पर्यवेक्षण सेवाओं…
