गैरसैंण में सत्र और देहरादून में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक सरकार के दोहरे रवैये का प्रमाण : प्रीतम सिंह

Share on Social Media


देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष, चकराता विधायक एवं विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार द्वारा 27 एवं 28 अक्टूबर 2026 को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र आयोजित करने तथा सत्र की कार्यवाही निर्धारित करने के लिए 24 अक्टूबर को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में बुलाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की कथनी और करनी में अंतर का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के प्रति गंभीर नहीं है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ओर सरकार गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की घोषणा करती है, वहीं दूसरी ओर सत्र की कार्यसूची निर्धारित करने वाली महत्वपूर्ण कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में बुलाई जा रही है। यह निर्णय विरोधाभासी और औचित्यहीन है। जब विधानसभा का सत्र भराड़ीसैंण में आयोजित होना है, तो उससे संबंधित कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से स्पष्ट होता है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय लेती है, लेकिन दूसरी ओर वहां नियमित विधानसभा सत्र आयोजित करने और राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के प्रति उदासीन बनी हुई है। सरकार का यह दोहरा रवैया प्रदेश की जनता के सामने उजागर हो चुका है।

प्रीतम सिंह ने विधानसभा सत्र की अवधि केवल दो दिन निर्धारित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सदन में व्यापक चर्चा आवश्यक है। ऐसे में मात्र दो दिन के सत्र में प्रदेश की गंभीर समस्याओं पर सार्थक और विस्तृत चर्चा कैसे संभव हो पाएगी? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याएं उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलता है। इसलिए विधानसभा सत्र की अवधि पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि जनहित से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार एवं विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि 24 अक्टूबर को देहरादून में प्रस्तावित कार्यमंत्रणा समिति की बैठक को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित करने पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही, 27 एवं 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि प्रदेश की जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सदन में

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *