देहरादून। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों के समाधान को लेकर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय,आईटी पार्क देहरादून में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष एवं महामंत्री, आयोग के सदस्य, नगर निकायों के आयुक्त तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में भगवत प्रसाद मकवाना ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी एवं विस्तारित क्षेत्रफल के अनुरूप पर्यावरण मित्रों एवं पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित करने, समाप्त किए गए पदों को पुनः बहाल करने तथा नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग रखी।
उन्होंने मोहल्ला स्वच्छता समितियों एवं आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन देने तथा विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक एवं तदर्थ कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।
उन्होंने सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने, नमस्ते योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने तथा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष स्थापित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा भूमि एवं आवास, कैशलेस उपचार तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी रखी गई।
सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि शासन एवं निकायों की व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद सृजन सहित शासन स्तर से संबंधित मांगों को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से लिंक करते हुए अन्य कार्मिकों की भांति वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों को आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निकायों में सफाई कार्य में लगे कार्मिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और जहां भी उपकरणों की कमी हो, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई एवं पीएफ का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निकायों के आयुक्तों को अगले तीन माह में विशेष शिविर आयोजित कर सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने तथा प्रत्येक कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। बीमारी की पहचान होने पर समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
सफाई कर्मचारियों को भूमि एवं आवास उपलब्ध कराने के संबंध में विभिन्न विकल्पों पर विचार करने तथा निजी भूमि उपलब्ध होने वाले कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों ने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं एवं मांगों को रखा। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर सहित प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आयोग के सदस्य उपस्थित रहे।