देहरादून। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न महिला संगठनों ने भारी वर्षा के बावजूद प्रदर्शन किया और उत्तराखंड के प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को संयुक्त ज्ञापन सौंपा।

जनवादी महिला समिति की महामंत्री दमयन्ती नेगी ने बताया कि महिला संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, समाजवादी पार्टी के केंद्रीय महामंत्री डॉ. एस.एन. सचान, बसपा के जिलाध्यक्ष के.पी. सिंह, आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष दीप्ति रावत तथा प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल एवं रेखा सिंह को ज्ञापन सौंपकर महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पराजित हो गया था। यह विधेयक 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने तथा इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने से संबंधित था। विपक्षी दलों ने आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अनुचित बताया था।
प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्ष इन्दु नौडियाल, नुरैशा अंसारी, महिला मंच की निर्मला बिष्ट, मंजू, पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष रजिया बेग, समता की उमा भट्ट, एसएफआई की कनिका, सीटू के महामंत्री लेखराज तथा जनसंवाद समिति के सतीश धौलाखण्डी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
दमयन्ती नेगी ने बताया कि अभियान के अगले चरण में वामपंथी राजनीतिक दलों को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा और महिला आरक्षण विधेयक को शीघ्र लागू कराने की मांग को लेकर जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा।