देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने और ब्लॉक प्रमुखों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए कार्यवाही करने, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में ब्लॉक प्रमुख को शामिल करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायतों से विचार-विमर्श करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख एवं पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं। ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका अहम है। राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक एवं प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में ₹721 करोड़ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर ही हासिल किया जा सकता है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख संगठन राजीव कण्डारी, महासचिव गणेश चन्दोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट सहित प्रदेशभर के ब्लॉक प्रमुख एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
