देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही कथित अनियमितताओं तथा एक ही व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज किए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया 29 मई 2026 से प्रारंभ हुई तथा प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई। दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान फॉर्म-10 के आंकड़ों के विश्लेषण में कई असामान्य एवं चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा 30 जुलाई, 6 अगस्त तथा 10 अगस्त को भी इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायतें एवं प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन बार-बार बड़ी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल किए जाने की स्थिति पर अभी तक प्रभावी रोक नहीं लग सकी है।
गोदियाल ने बताया कि कांग्रेस के बीएलए-2 द्वारा भी यह शिकायत की गई है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा एक ही प्रकार के अनेक फॉर्म-7 ऑनलाइन माध्यम से लगातार दाखिल किए जा रहे हैं। वहीं, सत्यापन के दौरान कई ऐसे निर्वाचक अपने घोषित पते पर निवास करते हुए पाए गए हैं, जिनके विरुद्ध आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इससे इन आपत्तियों की वास्तविकता एवं प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में एक ही आपत्तिकर्ता द्वारा अलग-अलग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में भी फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं। प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रक्रिया को प्रभावित करने तथा लक्षित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल की गई हैं, जबकि कई आपत्तिकर्ताओं ने अलग-अलग बूथों एवं विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 150 तक फॉर्म-7 दाखिल किए हैं। कांग्रेस ने इसे निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की पारदर्शिता, जवाबदेही एवं विश्वसनीयता के लिए गंभीर विषय बताया है।
गोदियाल ने कहा कि निर्वाचक नामावली से संबंधित किसी भी आपत्ति का आधार विशिष्ट, सत्यापन योग्य एवं तथ्यपरक होना चाहिए। बिना पर्याप्त आधार के बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल किए जाने से वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न होती है। उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण आपत्तियां दाखिल करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि जिन मामलों में किसी एक आपत्तिकर्ता द्वारा एक ही अथवा विभिन्न विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं, उनकी तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए। आपत्तिकर्ता की पहचान, संपर्क विवरण तथा उसके द्वारा दाखिल किए गए फॉर्म-7 की वास्तविकता एवं प्रामाणिकता का विधिवत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि किसी भी वास्तविक एवं पात्र मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त फॉर्म-7 के आधार पर न हटाया जाए। नाम हटाने से पूर्व संबंधित बीएलओ द्वारा अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन कराया जाए तथा नियमानुसार उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की कि बड़ी संख्या में सामूहिक रूप से दाखिल किए जा रहे फॉर्म-7 के मामलों की दैनिक रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि असामान्य मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। साथ ही झूठी, दुर्भावनापूर्ण अथवा तथ्यहीन आपत्तियां दाखिल करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी इस गंभीर विषय का तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, एसआईआर समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्जशीट कमेटी सदस्य डॉ. प्रतिमा सिंह, एडवोकेट संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, श्रीमती डिंपल,आदि उपस्थित रहे।