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Dec
तीनों लोक में सर्वश्रेष्ठ पुरुष थे मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र भगवान जी यह बात चंबा में आयोजित रामलीला के उद्घाटन के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहीं। उन्होंने कहा सम्मान और न्याय परायण , वही पुरुषोत्तम का अर्थ होता है व्यक्तित्व और सम्मान में सर्वोच्च श्रीराम ने कभी भी अपनी मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं किया था , इसलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कहलाए। राम ने जीवन में कभी मर्यादा का उल्लघंन नहीं किया. इसीलिए वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए. माता-पिता और गुरू की आज्ञा का पालन करते हुए ‘क्यों’ शब्द कभी उनके मुख पर…
