22
Apr
देहरादून। बस्ती बचाओ आंदोलन उत्तराखण्ड ने रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को एक पत्र भेजते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदियों के फ्लड ज़ोन को लेकर जारी कार्यवाही में केवल गरीबों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के अवैध निर्माणों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। पत्र में कहा गया है कि बीते दो वर्षों से एनजीटी में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है। पिछले वर्ष रिस्पना नदी क्षेत्र में 500 से अधिक गरीबों के मकानों को चिन्हित कर उनमें से कई को भारी पुलिस बल के…
