22
Jan
केदारपुरम क्षेत्र में स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन आज केवल एक सरकारी परिसर नहीं, बल्कि टूटे भरोसों को जोड़ने और बिखरी ज़िंदगियों को नई दिशा देने का सशक्त उदाहरण बन चुका है। बाहर से साधारण दिखने वाला यह परिसर भीतर से संवेदनशीलता, सुरक्षा और आत्मसम्मान की जीवंत मिसाल है, जहाँ बेसहारा महिलाओं और अनाथ बच्चों को सिर्फ आश्रय नहीं, बल्कि अपनापन और सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल रहा है। यहाँ हर चेहरा एक कहानी कहता है—किसी की आँखों में छूटा हुआ बचपन, किसी की खामोशी में पीड़ा और किसी की मुस्कान में…
