खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने खटीमा गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह को स्मरण करने का दिन है। उत्तराखण्ड का प्रत्येक नागरिक इन वीर सपूतों के बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
उन्होंने कहा कि खटीमा गोलीकांड ने पृथक उत्तराखण्ड राज्य के आंदोलन को नई दिशा दी और लोगों को अपने अधिकारों की लड़ाई आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। खटीमा की धरती राज्य आंदोलन की तपोभूमि है और इसे उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की जननी कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाओं में आंदोलनकारियों ने अपने रक्त से उत्तराखण्ड का इतिहास लिखा। राज्य हमें उपहार में नहीं मिला, बल्कि इसके पीछे अनगिनत आंदोलनकारियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हितों तथा उनके आदर्शों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए “उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के चिन्हित आंदोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण अधिनियम, 2023” लागू किया गया है।
धामी ने कहा कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 की गई है। राज्य आंदोलन के दौरान घायल एवं जेल गए आंदोलनकारियों को ₹7,000 तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को ₹5,500 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। चिह्नित आंदोलनकारियों को पहचान पत्र के साथ सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन में मातृशक्ति के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य के निर्माण के संघर्ष में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी एवं दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
कार्यक्रम को सांसद अजय भट्ट, विधायक खटीमा, भुवन कापड़ी एवं विधायक नानकमत्ता गोपाल सिंह राणा ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक रुद्रपुर शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।