मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शहीद स्थल झूलाघर, मसूरी में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने मसूरी गोलीकांड के शहीद आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य का सपना साकार हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी की धरती राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है। शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान सदैव अमर रहेगा और नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के संघर्ष से परिचित कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आंदोलन में मातृशक्ति के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा एवं तलाकशुदा पुत्रियों को आरक्षण के दायरे में शामिल करने तथा विभिन्न श्रेणियों की पेंशन में वृद्धि जैसे कदम उठाए गए हैं।
आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी रोजगार दिया गया है।
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को ऐसा राज्य बनाना है जहां युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े, गांव विकास से वंचित न रहें और प्रदेश की अस्मिता एवं संस्कृति सुरक्षित रहे। अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना तथा हर हाथ को काम और हर युवा को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, नगर पालिका अध्यक्ष मसूरी मीरा सकलानी, रविन्द्र जुगरान, जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।