पौड़ी गढ़वाल। भरसार स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (UUHF) में बीएससी हॉर्टिकल्चर चतुर्थ वर्ष की छात्रा मधु यादव की इलाज के दौरान मौत के बाद छात्रों में आक्रोश है। सोमवार को साथी छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर चिकित्सा एवं एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
छात्राओं के अनुसार, शनिवार रात मधु यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे विश्वविद्यालय की एंबुलेंस से पाबौ अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वहां विश्वविद्यालय की एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकारी एंबुलेंस से उसे पौड़ी अस्पताल ले जाना पड़ा। गंभीर स्थिति में पौड़ी से उसे श्रीनगर हायर सेंटर और बाद में ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा स्वास्थ्य एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग की।
छात्राओं ने वार्डन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। कुलपति एवं रजिस्ट्रार से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। जिलाधिकारी गढ़वाल स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि उन्हें मामले से संबंधित अभी तक कोई शिकायत पत्र या आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।