देहरादून/अल्मोड़ा। खराब मौसम के कारण कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा भले ही रद्द हो गया, लेकिन उनके वर्चुअल संबोधन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया। राहुल गांधी ने दूर से ही कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के प्रमुख मुद्दों की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रमों में व्यक्तिगत रूप से शामिल न हो पाने पर उन्होंने खेद जताते हुए जल्द उत्तराखंड आने का आश्वासन भी दिया।
करीब चार वर्षों बाद राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन मौसम की बाधा के चलते उनका कार्यक्रम प्रभावित हो गया। गुरुवार सुबह विशेष विमान से पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए थे, लेकिन खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण सुरक्षा कारणों से हेलिकॉप्टर को वापस पंतनगर लौटना पड़ा। कुछ समय तक मौसम सुधरने का इंतजार करने के बाद राहुल गांधी दोपहर में दिल्ली रवाना हो गए।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में उनके न पहुंच पाने से मायूसी जरूर दिखी, लेकिन उन्होंने अल्मोड़ा जनसभा और पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर माहौल को जीवंत बनाए रखा। हालांकि तकनीकी और कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण उनका संबोधन सभी तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच पाया।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने संकेत दिए कि कांग्रेस आगामी चुनाव में अग्निवीर योजना, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पंतनगर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी के साथ मौजूद रहे। उन्हें भी अल्मोड़ा जनसभा में जाना था, लेकिन मौसम के कारण वे राहुल गांधी के साथ ही पंतनगर में रुके रहे और बाद में उनके साथ दिल्ली लौट गए। परिणामस्वरूप वे अल्मोड़ा और पौड़ी दोनों कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके।
उधर, देहरादून में राहुल गांधी की प्रस्तावित बैठक के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। पांच जून को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन दौरा रद्द होने से यह कार्यक्रम भी स्थगित हो गया।
