05
Jul
साल 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध में भारतीय सेना के जांबाज सिपाही जसवंत सिंह ने 72 घंटे तक भूखे-प्यासे रहकर चीनी सेना को रोके रखा। उन्होंने चीन के 3 सौ सैनिकों को अकेले ही ढेर कर दिया था। जसवंत सिंह की वीरता को दुश्मन देश ने भी सम्मान दिया। राइफलमैन जसवंत सिंह रावत को 1962 के युद्ध के दौरान उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। जसवंत सिंह रावत भारतीय सेना के अकेले सैनिक हैं, जिन्हें मौत के बाद प्रमोशन मिला था। वो पहले नायक फिर कैप्टन और उसके बाद मेजर जनरल बने।…
