19
May
पसीने से तर-ब-तर दोपहरें अब सिर्फ चुभन नहीं लातीं—ये कोख में पल रही ज़िंदगी पर भी वार कर रही हैं। जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ती गर्मी अब गर्भवती महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है। पिछले पाँच सालों में, दुनिया के 90% देशों में गर्भावस्था के लिए खतरनाक गर्म दिनों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। और ये बदलाव सिर्फ मौसम की बात नहीं है—ये हमारी नीतियों, हमारे ऊर्जा स्रोतों और हमारी लापरवाही का नतीजा है। ज़रा सोचिए—जहाँ माँ की कोख को सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहाँ अब सूरज की तपिश और हमारे फैसलों की आँच पहुँचने…
