अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ : गणेश गोदियाल

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देहरादून। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का विरोध सेना या सैनिकों से नहीं, बल्कि ऐसी भर्ती व्यवस्था से है, जिसमें युवाओं के स्थायी सैन्य रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश का युवा वर्षों तक सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी करता है और सैन्य सेवा को सम्मान, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा का आधार मानता है। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित है और इसके बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत तक युवाओं को नियमित कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है। ऐसे में शेष युवाओं के भविष्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट और ठोस रोडमैप सामने रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में प्रवेश करने वाला युवा चार वर्ष बाद लगभग 21-22 वर्ष की आयु में फिर रोजगार की प्रतिस्पर्धा में लौटता है। कांग्रेस का सवाल है कि ऐसे युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, सरकारी रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और आर्थिक पुनर्वास की दीर्घकालिक व्यवस्था कितनी प्रभावी है। उन्होंने कहा कि सेना केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, अनुशासन, अनुभव और गौरव से जुड़ी संस्था है। इसलिए भर्ती नीति पर व्यापक चर्चा और युवाओं की चिंताओं का समाधान आवश्यक है।

गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है, ऐसे समय में सरकार को युवाओं और आम आदमी की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष प्रभाव पड़ता है। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और प्रदेश के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना की सेवा को रोजगार और सामाजिक सम्मान का आधार मानते आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर आने वाले युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की क्या व्यवस्था है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार की स्पष्ट सुरक्षा चाहिए। वर्षों तक सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भर्ती के अवसर नियमित और पर्याप्त होने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सेना में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए तथा उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल राज्य के युवाओं के लिए पर्याप्त भर्ती अवसर सुनिश्चित किए जाएं।

प्रेस वार्ता में डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि केवल विभिन्न विभागों में आरक्षण अथवा प्राथमिकता की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि अब तक कितने अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद वास्तविक रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सेना केवल नौकरी नहीं, बल्कि हर परिवार की भावनाओं और गौरव से जुड़ी है। इसलिए सैन्य भर्ती नीति बनाते समय सैनिक परिवारों और युवाओं की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सेना की भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। सेना राष्ट्र की सुरक्षा का सर्वोच्च संस्थान है और भर्ती नीति का उद्देश्य मजबूत, प्रशिक्षित तथा अनुभवी सैन्य बल तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक नीति बनाई जाए।

सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि नियमित सैन्य भर्ती के अवसरों में कमी को लेकर युवाओं में चिंता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि भर्ती और रोजगार से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं तथा यह स्पष्ट किया जाए कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, सरकारी रोजगार, स्वरोजगार और बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का वास्तविक लाभ कितने युवाओं को मिला है।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि चार वर्ष बाद सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के रोजगार का ठोस रोडमैप क्या है? अब तक कितने अग्निवीरों को स्थायी सरकारी रोजगार मिला है? सेना में नियमित भर्ती के रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे? उत्तराखंड के कितने युवाओं को अग्निवीर योजना के माध्यम से भर्ती मिली और उनके लिए सेवा के बाद क्या व्यवस्था की गई है? कांग्रेस ने अग्निपथ योजना की स्वतंत्र समीक्षा पर भी सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की।

गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस मजबूत सेना, सैनिकों के सम्मान और युवाओं के सम्मानजनक रोजगार—तीनों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के भविष्य को लेकर कोई अनिश्चितता न रहे। युवाओं को केवल रोजगार का अवसर ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य भी मिलना चाहिए।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

By admin

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