देहरादून। युवा शक्ति को उत्तराखण्ड के विकास की दिशा तय करने में सहभागी बनाने की पहल के तहत ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान अब अपने अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर प्रदेशभर के विद्यार्थियों से विचार एवं सुझाव आमंत्रित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 18 सितंबर को चयनित 140 छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद करेंगे।
संवाद को व्यापक और सार्थक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी इन विद्यार्थियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के साथ संवाद से पहले वरिष्ठ अधिकारी विद्यार्थियों के विचार, सुझाव और उत्तराखण्ड के भविष्य को लेकर उनके विजन को समझेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, स्वरोजगार, पलायन, लोक निर्माण, आईटी, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विभागों के अधिकारी युवाओं के सुझाव सुनकर उनके महत्वपूर्ण विचार मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि युवा केवल उत्तराखण्ड का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान में नीति-निर्माण की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सहभागी भी हैं। इसी सोच के साथ ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए युवाओं और सरकार के बीच वैचारिक संवाद का मंच बनाया गया है।
उनके निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान से प्रदेशभर के करीब तीन लाख कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा गया। इनमें से 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर अपने विचार एवं सुझाव सरकार तक पहुंचाए। विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी ने इस पहल को प्रदेश में एक बड़े युवा संवाद का स्वरूप प्रदान किया है।
प्राप्त विचारों में से 140 श्रेष्ठ एवं सार्थक विचार प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया है। मुख्यमंत्री स्वयं भी प्रदेश के विभिन्न नगरों में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनके विचार सुन चुके हैं और उनके विजन पर संवाद कर चुके हैं। अब अभियान के अंतिम चरण में चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के साथ संवाद और सहभागिता में विश्वास रखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन देश के सामने रखा है। उत्तराखण्ड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और विचारों के माध्यम से विकसित उत्तराखण्ड एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। युवाओं की इसी ऊर्जा और सोच को सकारात्मक दिशा देना ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ का प्रमुख उद्देश्य है।
इस अभियान के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, पलायन, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक एवं महिला सशक्तिकरण सहित उत्तराखण्ड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर युवा पीढ़ी की सोच, अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि युवाओं के विचारों को केवल सुना ही नहीं जाना चाहिए, बल्कि उन्हें विकास की नीतियों और योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास होना चाहिए।
इसी उद्देश्य से 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और 140 चयनित विद्यार्थियों के बीच होने वाला सीधा संवाद ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के अंतिम चरण का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।