चमोली। मां नंदा की राज जात आज वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हुई। मां नंदा की डोली के वाण से प्रस्थान का क्षण अत्यंत भावुक रहा। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पूरा वाण क्षेत्र मां नंदा के जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया और यात्रा के सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की।
मां नंदा की डोली के प्रस्थान से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना करते हुए मां नंदा की बड़ी जात के सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के उपरांत पारंपरिक रीति-रिवाजों, जागरों, मांगल गीतों और जयकारों के बीच मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी गई।
राज जात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। वाण से डोली के प्रस्थान के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, जागरों और मांगल गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। डोली के साथ चल रहे श्रद्धालुओं में गहरी आस्था, उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के अनुरूप मां नंदा को भावपूर्ण विदाई दी।
यात्रा के अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा पड़ाव पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग एवं पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के आगामी पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्रा मार्ग एवं पड़ावों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
मां नंदा की जात को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार यात्रा मार्ग और पड़ावों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पर्वतीय मार्ग और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने, निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करने तथा यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया है।
इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अन्य जनप्रतिनिधि, वाणवासी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।