देहरादून,16 जून। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद यूटीडीबी की 24वीं बोर्ड बैठक पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में पर्यटन मुख्यालय, आईएचएम गढ़ीकैंट, देहरादून में सम्पन्न हुई। बैठक में परिषद के सभी सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए प्रस्तुत सभी 20 एजेंडा बिंदुओं को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें पहली बार उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाला एटीओएआई नेशनल कन्वेंशन (कौसानी), उत्तराखण्ड इंटरनेशनल टूरिज्म कॉन्क्लेव (देहरादून), ग्लोबल फूड फेस्टिवल तथा इंटरनेशनल रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल (टौंस नदी) प्रमुख हैं। इन आयोजनों के माध्यम से उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
परिषद ने एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 के एडवेंचर इवेंट कैलेंडर को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अंतर्गत नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा मैराथन, आदि कैलाश परिक्रमा रन, एमटीबी चैलेंज, राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग चैम्पियनशिप, औली विंटर कार्निवल, टिहरी एक्रो फेस्टिवल, कॉर्बेट पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, ट्रेक ऑफ द ईयर तथा विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों सहित 18 प्रमुख आयोजन किए जाएंगे।
बैठक में आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से त्रियुगीनारायण मंदिर, कार्तिक स्वामी मंदिर एवं कैंची धाम के लिए समग्र डेस्टिनेशन डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की मंजूरी दी गई। इन स्थलों पर आगंतुक सुविधाओं, पार्किंग, ट्रेकिंग मार्गों, तीर्थ एवं पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे।
स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर
अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 3,121 युवाओं के एडवेंचर टूरिज्म प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। प्रशिक्षण में पर्वतारोहण, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, व्हाइट वाटर क्याकिंग, वाइल्डरनेस फर्स्ट एड तथा हाई एल्टीट्यूड माउंटेनियरिंग गाइड कोर्स जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी एडवेंचर गाइडों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया। साथ ही रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियम-2014 में व्यापक संशोधनों को मंजूरी देते हुए सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त ट्रेकिंग मार्गों पर होम-स्टे सुविधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निर्माण एवं मरम्मत अनुदान में वृद्धि तथा प्रमुख ट्रेकिंग मार्गों पर सामुदायिक केंद्रों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रकृति, अध्यात्म एवं साहसिक पर्यटन का अद्वितीय संगम है। परिषद द्वारा लिए गए निर्णय राज्य को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका
