गंगोलीहाट, पिथौरागढ़। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने आज मुनस्यारी से गंगोलीहाट पहुंचकर प्रसिद्ध मां हाट कालिका मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर क्षेत्र के विकास, पर्यटन संभावनाओं और जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से भेंट कर मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं को उपलब्ध सुविधाओं तथा धार्मिक पर्यटन के विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
राज्यपाल ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और उनका सुव्यवस्थित विकास न केवल आस्था के केंद्रों को मजबूत बनाता है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में लगभग चार दशकों की सेवा के दौरान उनका कुमाऊं रेजीमेंट से विशेष जुड़ाव रहा है और “जय मां कालिका” का उद्घोष सदैव सैनिकों के मनोबल तथा राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि मां कालिका के आशीर्वाद से भारतीय सैनिकों ने राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अतुलनीय योगदान दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि मां के दरबार में उपस्थित होकर उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आत्मिक शांति का अनुभव हुआ है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ जनपद पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है तथा पिछले वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक शक्ति, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, जिससे राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति मिल रही है।
