देहरादून 29 मई। पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर देवभूमि पत्रकार यूनियन द्वारा उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित अभिनंदन समारोह एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में “डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं फेक न्यूज की चुनौती” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता तक समय पर तथ्यपरक एवं विश्वसनीय सूचना पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भारत में पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत पुराना है और पौराणिक काल में नारद मुनि तथा महाभारत के संजय को भी पत्रकारिता का प्रतीक माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को सही दिशा देने के लिए विचारों का होना आवश्यक है। पत्रकारों को निष्पक्ष, निर्भीक और ईमानदार होना चाहिए। लोकतंत्र में पत्रकारिता की विश्वसनीयता का अत्यंत महत्व है, लेकिन वर्तमान समय में मौलिक पत्रकारिता को क्षति पहुंच रही है। कई माध्यम जनता को सच्ची खबरें दिखाने के बजाय भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तथ्य आधारित समाचारों से ही पत्रकारिता की मौलिकता और विश्वसनीयता कायम रह सकती है।
कार्यक्रम में सूचना महानिदेशक बंसीधर तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया और पत्रकारिता आज के समय में एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। आधुनिक दौर में दोनों का साथ आवश्यक है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और सत्यता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता अपने 200 वर्ष पूर्ण करने की ओर अग्रसर है और इस गौरवशाली यात्रा को पीछे मुड़कर देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक हिंदी पत्रकारिता ने पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। हिंदी भाषा ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवभूमि पत्रकार संगठन के अध्यक्ष अनिल वर्मा ने की, जबकि संचालन महासचिव बी.डी. शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
