देहरादून, 19 मार्च । जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि छापेमारी में पकड़े गए अवैध गैस सिलेंडरों को संबंधित एजेंसी से ट्रेस कर एजेंसी स्वामी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करते हुए सीधे जेल भेजा जाए। प्रशासन ने जिले की सभी गैस एजेंसियों पर अधिकारियों की तैनाती कर दी है, जो स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की प्रतिदिन निगरानी करेंगे।
बैठक में सामने आया कि बुकिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण लगभग 25 हजार मैन्युअल गैस वितरण की एंट्रियां लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन्हें शाम तक सॉफ्टवेयर में अपडेट करने तथा 25 और 45 दिन की एडवांस बुकिंग का अलग विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर केवल होम डिलिवरी और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को दिए जाएंगे। एजेंसियों या गोदामों से सीधे वितरण पर रोक रहेगी।
जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीमों की कार्रवाई में अब तक गैस कालाबाजारी के 05 मुकदमे दर्ज, 03 आरोपियों को जेल भेजा गया है तथा 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक और 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन की सख्ती से कालाबाजारी करने वालों में भय का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन के अनुसार होम डिलिवरी व्यवस्था लागू होने से गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हुई है और कानून व्यवस्था की स्थिति में भी सुधार आया है। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
