देहरादून। सहस्रधारा मोटर मार्ग स्थित आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित विभागों एवं विशेषज्ञ कंसल्टेंसी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कर वैज्ञानिक एवं प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव देहरादून शहर के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसका स्थायी समाधान तात्कालिक जल निकासी के बजाय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग, वर्षाजल के प्रवाह और मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था का समग्र तकनीकी अध्ययन कर ही संभव है।
उन्होंने सिंचाई विभाग के माध्यम से चयनित कंसल्टेंसी के विशेषज्ञों को आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव के कारणों का गहन अध्ययन कर ठोस समाधान प्रस्तावित करने तथा सितंबर माह में विस्तृत सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त सुझावों एवं प्रस्तावों का तकनीकी परीक्षण करने के बाद प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित होने से आईटी पार्क क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा स्थानीय नागरिकों, कर्मचारियों एवं आमजन को बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा,अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी,एजीएम सिडकुल विनय शंकर, अधिशासी अभियंता सिंचाई ईआर पुरुषोत्तम, सहायक अभियंता पीएस रावत,नेहा सिंह सहित सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, सिडकुल, अनुसंधान एवं नियोजन खंड तथा दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
