देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने आज लोक भवन में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित डिजिटल मंच “मुक्त ज्ञान कोष” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ज्ञान की पहुंच जितनी व्यापक होगी, विकास के अवसर भी उतने ही व्यापक होंगे। “मुक्त ज्ञान कोष” ज्ञान को समाज की शक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में भौगोलिक दूरी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में डिजिटल माध्यमों के जरिए गुणवत्तापूर्ण ज्ञान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना समान अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल मंच विद्यार्थियों, युवाओं, शोधार्थियों और ज्ञान के प्रति जिज्ञासु लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि आज ज्ञान और तकनीक के माध्यम से शिक्षा एवं सीखने के अवसरों को व्यापक बनाया जा सकता है। युवाओं और विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रखते हुए सीखने, नवाचार, अनुसंधान और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि “ज्ञान दिशा दिखाता है, तकनीक गति देती है और संस्कार उस यात्रा को सार्थक बनाते हैं।” उन्होंने युवाओं से ज्ञान, तकनीक और सकारात्मक सोच के समन्वय से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने “मुक्त ज्ञान कोष” के विकास के लिए उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की डिजिटल पहल प्रदेश में ज्ञान की पहुंच को व्यापक बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
