मानसून की तैयारियों को लेकर लोनिवि एवं सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश

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देहरादून 25 जून। प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर की सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं। मानसून के दौरान सड़कों के अवरुद्ध होने से बड़ी संख्या में लोगों को मार्ग खुलने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में हमें सतर्क रहना चाहिए और सड़कों को खोलने में तत्परता दिखाने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग भी तैयार रखने चाहिए।

यह बात प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन सभागार में आयोजित लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग की मानसून तैयारियों संबंधी समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि हम सजगता के साथ कार्य करेंगे तो मानसून का सीजन बिना किसी बड़े व्यवधान के सुचारु रूप से निकल जाएगा।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महाराज ने बताया कि सभी जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं तथा देहरादून में भी 24×7 संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष कार्यरत है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रतिदिन सभी जनपदों से नदियों के जलस्तर एवं वर्षा के आंकड़े प्राप्त किए जा रहे हैं तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

सिंचाई मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पूर्व ही जिला प्रशासन के सहयोग से स्थापित कर दी गई थीं। साथ ही मानसून में बाढ़ एवं जलभराव की दृष्टि से 304 संवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व नदियों में बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का चैनलाइजेशन कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है।

राज्य के विभिन्न शहरों में ड्रेनेज की समस्या के समाधान हेतु GIS आधारित स्टॉर्म वाटर मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किए गए हैं। जनपद हरिद्वार के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सिंचाई विभाग के नियंत्रणाधीन जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए उपयुक्त स्थानों पर बोल्डर, आरबीएम एवं रेत की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जलाशयों पर वायरलेस स्टेशन भी संचालित किए जा रहे हैं।

लोक निर्माण मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून के दौरान यदि कोई सड़क बंद होती है तो उसकी पूर्व सूचना लोगों को पहले ही उपलब्ध करा दी जाए, ताकि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

उन्होंने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए प्रदेश की सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश विभाग को दिए गए हैं। सड़कों के पैचवर्क के तहत निर्धारित 3946 पैचवर्क के लक्ष्य के मुकाबले विभाग द्वारा 3968 पैचवर्क पूरे कर लिए गए हैं। राज्य में 1199 ऐसी सड़कें हैं जो प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान प्रभावित होती हैं, उनके लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर जेसीबी मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, सिंचाई विभाग की अपर सचिव गरिमा रौंकली, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार पांडेय सहित दोनों विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर जनपद मुख्यालयों में तैनात लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

By Jagriti Gusain

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