देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करें। शासन स्तर पर स्वीकृति अथवा अन्य कारणों से लंबित प्रस्तावों के संबंध में विभागीय अधिकारी उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी प्रगति सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों की लगातार पैरवी कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं।
उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। जिन विभागों द्वारा अभी तक कार्यदायी संस्थाएं नामित नहीं की गई हैं, वे तत्काल संस्था का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करें। भूमि की आवश्यकता वाली योजनाओं के लिए संबंधित उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र भूमि चयन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी अपूर्ण घोषणाओं के लिए विभागवार समयसीमा निर्धारित की जाए। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न करने वाले विभागों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रगति पर चल रही योजनाओं को शीघ्र पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंच सके।
समीक्षा बैठक के दौरान सिंचाई विभाग में सर्वाधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने तथा सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति एवं समुचित जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग को नोटिस जारी करते हुए भविष्य में पूर्ण तैयारी एवं तथ्यात्मक जानकारी के साथ बैठकों में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
सिंचाई, शहरी विकास, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, विद्यालयी शिक्षा, पर्यटन, आवास तथा समाज कल्याण विभागों में अपेक्षाकृत अधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने पर संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के स्तर पर मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं क्षेत्र विशेष की जन आकांक्षाओं एवं विकास का आधार हैं और इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागों को अपने-अपने घोषणा पटल पर संबंधित घोषणाओं की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से अब तक जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 565 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 353 घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 76 घोषणाएं अपूर्ण, 10 आंशिक रूप से पूर्ण तथा 126 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
