देहरादून। सिंचाई विभाग के अंतर्गत संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को नदियों के चैनलाइजेशन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सिंचाई क्षमता के सापेक्ष किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है, इसलिए आवश्यक कार्यों को चिह्नित कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
आज यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग सभागार में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में महाराज ने विभाग के अंतर्गत लंबित परियोजनाओं तथा निर्माण कार्यों में हो रहे विलंब के कारणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग के अधीन आने वाले पुलों के नीचे नदी चैनलाइजेशन का कार्य व्यवस्थित एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि नदियों के प्रवाह को सुचारु रखने के साथ-साथ बाढ़ एवं कटाव की समस्या को भी नियंत्रित किया जा सके।
सिंचाई मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में थर्ड पार्टी परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी नहरों की टेल फीडिंग कराने तथा स्वीकृत बजट का मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा में सदुपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों तक सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में जलाशयों एवं बैराजों की स्थिति, जल प्रबंधन तथा विभाग की प्रमुख संस्थाओं की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जलाशयों और बैराजों की नियमित निगरानी के साथ उनकी सुरक्षा एवं कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महाराज ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त चमोली तथा थराली क्षेत्र में 24 कार्यों के लिए 1076 करोड़ रुपये की धनराशि, 774.33 करोड़ रुपये की सात योजनाओं तथा कुंभ कार्यों के लिए 98 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि गढ़वाल एवं कुमाऊं क्षेत्र की नदियों के चैनलाइजेशन के लिए मॉर्फोलॉजिकल एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है, ताकि नदी प्रवाह, कटाव एवं बाढ़ की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा सके।
सिंचाई मंत्री ने बताया कि टिहरी बांध के लिए इस वर्ष 337 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है, जिसमें से अब तक 166 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उन्होंने लंबित स्वीकृतियों एवं परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौकली, प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, मुख्य अभियंता शंकर कुमार शाह, मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सहित सिंचाई विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
