देहरादून। इंडिया गठबंधन से जुड़े राजनीतिक दलों, जनसंगठनों एवं सामाजिक संगठनों ने आज देहरादून में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में शांतिपूर्ण जुलूस निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन गांधी पार्क से शुरू होकर राजपुर रोड होते हुए घंटाघर पहुंचा, जहां आमसभा आयोजित की गई। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने तथा एसआईआर प्रक्रिया तत्काल रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन के उपरांत जिलाधिकारी, देहरादून के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संयुक्त ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लाखों जीवित एवं पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। गठबंधन के अनुसार एसआईआर से पूर्व राज्य में 79,60,762 मतदाता थे, जबकि प्रक्रिया के बाद यह संख्या 71,58,949 रह गई। गठबंधन ने दावा किया कि कुल 9,06,521 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। जिसमें उधमसिंह नगर में 1,86,315, देहरादून में 1,82,016, हरिद्वार में 1,30,964, नैनीताल में 67,588, अल्मोड़ा में 50,887, पौड़ी गढ़वाल में 47,692 तथा टिहरी गढ़वाल में 40,615 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई। इसी प्रकार पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है।
इंडिया गठबंधन ने कहा कि धर्मपुर, देहरादून कैंट, ऋषिकेश, रायपुर, राजपुर रोड, मसूरी, हल्द्वानी, बीएचईएल रानीपुर और हरिद्वार शहर सहित कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। गठबंधन ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में विपक्षी दलों एवं जनसंगठनों से पर्याप्त परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को समुचित सुनवाई और सत्यापन के बिना मताधिकार से वंचित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
गठबंधन ने राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध संवैधानिक प्रक्रिया के तहत स्वतंत्र जांच कराने, एसआईआर को तत्काल निरस्त अथवा स्थगित करने, पूर्व की मतदाता सूची बहाल करने तथा हटाए गए नामों की व्यक्तिगत सुनवाई एवं दस्तावेजी सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही फॉर्म-7 के माध्यम से हटाए गए नामों की पारदर्शी जांच और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में सोशल ऑडिट कराने की मांग भी की गई।
प्रदर्शन में सीपीएम से शिवप्रसाद देवली, लेखराज, अनन्त आकाश, कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना, जसविन्दर सिंह गोगी, शिशुपाल बिष्ट, जगदीश धीमान, सुनील जायसवाल, गरिमा दसौनी, सपा से एस.एन. सचान एवं हुसैन अहमद, सीपीआई से समर भंडारी, सीपीआई (माले) से इन्द्रेश मैखुरी, इंसानियत मंच से रवि चोपड़ा एवं त्रिलोचन भट्ट, सर्वोदय मंडल से हरबीर कुशवाहा, किसान सभा से सुरेंद्र सिंह सजवाण, गंगाधर नौटियाल, जाहिद अंजुम एवं सीटू से एस.एस. नेगी, भगवन्त पयाल, कृष्ण गुनियाल एवं रविंद्र नौडियाल, जनवादी महिला समिति से नुरैशा अंसारी, अंजलि पुरोहित, कुसुम नौडियाल, आदि सैकड़ों कीमत संख्या में लोग उपस्थित रहे।
