उत्तराखंड

राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए लिगेसी प्लान पर तेज़ कार्यवाही के निर्देश

राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए लिगेसी प्लान पर तेज़ कार्यवाही के निर्देश

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य सरकार खेलों को लेकर नई दृष्टि और रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के खिलाड़ियों को निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खेलों के दौरान निर्मित और उन्नत किए गए खेल ढांचे का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने और उस पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल केवल एक आयोजन नहीं थे, बल्कि यह उत्तराखंड की खेल यात्रा में…
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जिलाधिकारी ने यमुनोत्री हाइवे पर  ओजारी और स्यानचट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया

जिलाधिकारी ने यमुनोत्री हाइवे पर ओजारी और स्यानचट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया

उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को जनपद की बड़कोट तहसील में यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई बैंड के समीप स्याना चट्टी के आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न आपदा की स्थिति से क्षति के बाद चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान ओजरी में हुए भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग के खंडित होने के बाद उक्त स्थान पर बनाए जा रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण किया और पुल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को जांचा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पुल की भार वहन क्षमता, फाउंडेशन की मजबूती और…
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जिलाधिकारी ने यमुनोत्री हाइवे पर  ओजारी और स्यानचट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया

जिलाधिकारी ने यमुनोत्री हाइवे पर ओजारी और स्यानचट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया

उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को जनपद की बड़कोट तहसील में यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई बैंड के समीप स्याना चट्टी के आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न आपदा की स्थिति से क्षति के बाद चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान ओजरी में हुए भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग के खंडित होने के बाद उक्त स्थान पर बनाए जा रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण किया और पुल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को जांचा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पुल की भार वहन क्षमता, फाउंडेशन की मजबूती और…
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निर्बाध जारी रहे पानी की सप्लाई, बजट की नहीं कमी, लापरवाही पर सख्त प्रवर्तन की कार्रवाई निश्चित

निर्बाध जारी रहे पानी की सप्लाई, बजट की नहीं कमी, लापरवाही पर सख्त प्रवर्तन की कार्रवाई निश्चित

देहरादून : मुख्यमंत्री के सुशासन एवं जनसेवा संकल्प के तहत पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन सर्तकता और सक्रियता से युद्वस्तर पर समस्या का निदान करने में जुटा है। विगत 14 अप्रैल से लेकर 12 जुलाई तक कंट्रोल रूम को पेयजल की 216 शिकायतें मिली है, जिसमें से 209 शिकायतों का समाधान कर लिया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पेयजल से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के सीजन में भी हर घर तक शुद्व पानी की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहे। जनमन की समस्या प्रशासन की समस्या है।…
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मानसून काल और केदारनाथ यात्रा को देखते हुए जिलाधिकारी का सख्त आदेश — अधिकारी बिना अनुमति न छोड़ें मुख्यालय

मानसून काल और केदारनाथ यात्रा को देखते हुए जिलाधिकारी का सख्त आदेश — अधिकारी बिना अनुमति न छोड़ें मुख्यालय

जनपद रुद्रप्रयाग में इन दिनों मानसून सक्रिय अवस्था में है, जिससे अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन, सड़क मार्गों में अवरोध, जलभराव जैसी आपदा संभावनाएं बनी हुई हैं। इसी बीच विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा भी संचालित हो रही है, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री जनपद की सीमाओं में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय भूमिका में है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जारी किया महत्त्वपूर्ण निर्देश जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने आपदा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन हेतु जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों…
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बड़ी संख्या में अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर डीएम तक पंहुच रहे फरियादी; समाधान भी मौके पर ही

बड़ी संख्या में अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर डीएम तक पंहुच रहे फरियादी; समाधान भी मौके पर ही

देहरादून: जिला प्रशासन देहरादून के जनमानस की छोटी-बड़ी समस्याओं के निस्तारण हेतु त्वरित निर्णय से जहां जिला प्रशासन की सक्रियता एवं नागरिकों की प्रति प्रशासन एवं सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं पिछले 10 महीनों में जिलाधिकारी सविन बसंल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा लिए गए कड़े निर्णय एवं जनहित के फैसलों से जनमानस में सरकार एवं प्रशासन के प्रति विश्वास बढा है। जिलाधिकारी प्रत्येक कार्य दिवस में अपने कार्यालय कक्ष में लगभग 40 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनते हैं तथा फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। जिला प्रशासन की जनमानस के…
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उत्तराखंड में बिना पंजीकरण प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों पर लगेगी लगाम, स्वास्थ्य सचिव ने जारी किया सख्त आदेश

उत्तराखंड में बिना पंजीकरण प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों पर लगेगी लगाम, स्वास्थ्य सचिव ने जारी किया सख्त आदेश

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब प्रदेश के किसी भी चिकित्सक, चाहे वह सरकारी सेवा में हो या निजी क्षेत्र में कार्यरत बिना पंजीकरण या नवीनीकरण के प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक सख्त आदेश जारी किया है। सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में कार्यरत सभी डॉक्टरों की सूची तैयार करें और यह सुनिश्चित करें…
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जिला प्रशासन ने 24 घंटे भीतर तैयार कराया आपदाग्रस्त बटोली गांव में दूसरा वैकल्पिक रास्ता

जिला प्रशासन ने 24 घंटे भीतर तैयार कराया आपदाग्रस्त बटोली गांव में दूसरा वैकल्पिक रास्ता

जिला प्रशासन ने 24 घंटे भीतर तैयार कराया आपदाग्रस्त बटोली गांव में दूसरा वैकल्पिक रास्ता; पहले रास्ते की तुलना में छोटा है नया रास्ता डीएम सविन बंसल ने निरीक्षण के दौरान दिए थे, सुगम एवं छोटा रास्ता तैयार करने के निर्देश; 24 घंटे भीतर तैयार कराया दूसरा वैकल्पिक रास्ता, मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा की घटनाओं पर दे त्वरित रिस्पांस; जिला प्रशासन सक्रिय; वर्षाकाल पूरे 3 महीनें तक रास्ता दुरस्ती हेतु डीएम ने 24×7 तैनात करवायी मैनपावर मशीनरी, प्रशासन ने सभी परिवारों के किराये हेतु 3.84 लाख का एडवांस चैक मौके पर ही किया हस्तगत, 4-4 हज़ार प्रति परिवार…
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2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत

2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत

अगर भारत की कंपनियाँ हर घंटे के हिसाब से कार्बन-फ्री बिजली खरीदने लगें, तो देश 2030 तक 52 गीगावॉट तक चौबीस घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली जोड़ सकता है। यह भारत की कुल अनुमानित बिजली मांग का 5% हिस्सा होगा — और उसमें से 70% पूरी तरह स्वच्छ स्रोतों से हासिल किया जा सकेगा। इस बदलाव से ग्रिड ऑपरेटरों को हर साल क़रीब 9 हज़ार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है, और साथ ही कार्बन एमिशन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यह विश्लेषण जलवायु डेटा संस्था TransitionZero ने किया है, जिसके मुताबिक अगर कंपनियाँ सिर्फ सालाना…
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2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत

2030 तक भारत में 70% चौबीस घंटे स्वच्छ बिजली संभव, हर साल 9 हज़ार करोड़ की बचत

अगर भारत की कंपनियाँ हर घंटे के हिसाब से कार्बन-फ्री बिजली खरीदने लगें, तो देश 2030 तक 52 गीगावॉट तक चौबीस घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली जोड़ सकता है। यह भारत की कुल अनुमानित बिजली मांग का 5% हिस्सा होगा — और उसमें से 70% पूरी तरह स्वच्छ स्रोतों से हासिल किया जा सकेगा। इस बदलाव से ग्रिड ऑपरेटरों को हर साल क़रीब 9 हज़ार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है, और साथ ही कार्बन एमिशन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यह विश्लेषण जलवायु डेटा संस्था TransitionZero ने किया है, जिसके मुताबिक अगर कंपनियाँ सिर्फ सालाना…
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