03
Jul
ऐसे राज्य में जहां एक गठबंधन सरकार को बना या बिगाड़ सकता है, वहां राजनीतिक स्थिरता की कभी भी स्थाई गारंटी नहीं हो सकती. महाराष्ट्र इसका एक प्रमुख उदाहरण है. पूर्व सीएम देवेंद्र फडनवीस (Devendra Fadnavis) के शब्दों में कहें तो 2019 में शिवसेना के बीजेपी की ‘पीठ में छुरा घोंपने’ के बाद पार्टी अपना ‘बदला’ पूरा करने में कामयाब रही है. वहीं अजित पवार की ताजा बगावत ने महा विकास अघाड़ी (MVA) में गंभीर दरारें उजागर कर दी हैं. इस तीन-पक्षीय मोर्चे को 2019 के चुनावों के बाद भाजपा का मुकाबला करने के लिए गठित किया गया है. गौरतलब है…
