29
Oct
देहरादून: जलवायु संकट अब भविष्य का खतरा नहीं रहा, वो आज की हकीकत बन चुका है, जिसका असर हमारे शरीर, सांस, और जेब, तीनों पर एक साथ पड़ रहा है। Lancet Countdown on Health and Climate Change की 2025 रिपोर्ट बताती है कि हर साल बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और जलवायु अस्थिरता अब सीधे तौर पर लोगों की सेहत और अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही है। 2024 था अब तक का सबसे गर्म साल — और सबसे महँगा भी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 वैश्विक तापमान का नया रिकॉर्ड लेकर आया। इस साल औसत तापमान 1.4°C तक पहुँच गया,…
