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देहरादून – 23 मई 2025: पुणे ने बीते दस सालों में अपनी कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन क्षमता में 34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो मुख्य रूप से तेज़ी से शहरी विकास की वजह से हुआ है। हाल ही में एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के डॉ. पंकज कोपार्डे तथा सस्टेना ग्रीन्स एलएलपी की प्रतीक्षा चालके द्वारा साथ मिलकर की गई एक स्टडी के नतीजे में शहर की कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) नामक एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस को सोखने की क्षमता में इतनी बड़ी गिरावट की बात सामने आई है। “लूजिंग द कार्बन गेम? चेंजिंग फेस ऑफ ए ट्रॉपिकल स्मार्ट मेट्रो सिटी एंड इट्स…
