नई दिल्ली। उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तराखण्ड सरकार के बीच सोमवार को कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समझौता एमओयू संपन्न हुआ।
समझौते पर उत्तराखण्ड सरकार की ओर से स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आराधना पटनायक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के अंतर्गत प्रधानमंत्री निधि के माध्यम से उत्तराखण्ड को चार एमआरआई (MRI) मशीनें, पाँच डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें तथा 75 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के उपलब्ध होने से प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में जांच सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार होगा। साथ ही विभिन्न रोगों के समयबद्ध, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण निदान में भी सहायता मिलेगी, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में AI-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से मरीजों को उनके निकट ही आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव होगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
