देहरादून 8 मई । चम्पावत में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दर्ज मुकदमे तथा उसके बाद सामने आए घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए उत्तराखंड महिला मंच ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ देहरादून स्थित गांधी पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए बीजेपी नेताओं पर नाबालिग बच्चियों का राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
महिला मंच की कमला पंत ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार अपने करीबी लोगों के मामलों में लीपापोती करती रही है। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आज तक तथाकथित वीआईपी का खुलासा नहीं हो पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस बच्ची को पुलिस ने एक कमरे में निर्वस्त्र और पैरों में रस्सियों से बंधा हुआ पाया, उसी के पिता को नजरबंद क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों में पुलिस द्वारा पूरे मामले को फर्जी घोषित कर देना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
महिला मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि यदि पुलिस का दावा सही भी मान लिया जाए, तब भी यह बेहद गंभीर प्रश्न है कि बीजेपी से जुड़े लोग अपनी आंतरिक राजनीतिक लड़ाई में बच्चियों का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हाल के कई महिला अपराध मामलों में बीजेपी से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामलों को दबाने की कोशिश की जाती रही है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट ने कहा कि पुलिस जिस कमल रावत को साजिशकर्ता बता रही है, वह पूर्व में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है और बाद में हाईकोर्ट से रिहा हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय पुलिस ने मामले को फर्जी क्यों नहीं बताया और हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती क्यों नहीं दी।
प्रदर्शन को ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, सुजाता पॉल, स्वाति नेगी, विमला कोली, गीतिका, ऊमा भट्ट, विजय भट्ट और मनीष केडियाल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापक जनएकजुटता की अपील की।
इस अवसर पर प्रो. राघवेन्द्र, डॉ. रवि चोपड़ा, ईश्वर पाल शर्मा, पद्मा गुप्ता, विजय नैथानी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
