देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस को भव्य, आकर्षक और यादगार बनाने के लिए जनपद देहरादून में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, अमर शहीदों के बलिदान और युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के आयोजन केवल उत्सव तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश की उपलब्धियों, सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की विकास संभावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनें।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 6 नवंबर को पुलिस लाइन, रेसकोर्स में रैतिक पुलिस परेड एवं सम्मान वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। वहीं, 9 नवंबर को शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान का स्मरण किया जाएगा।
विकास यात्रा पर बनेगी लघु फिल्म, युवाओं को मिलेगा प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर
जिलाधिकारी ने उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के माध्यम से लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ सकें।
इसके लिए यूथ संवाद, राज्य आंदोलनकारियों के साथ संवाद, यूथ स्पोर्ट्स गतिविधियां, एडवेंचर स्पोर्ट्स, एस्ट्रो शो, ड्रोन शो तथा फिल्म एवं फूड फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यूथ दिवस पर क्रॉस कंट्री दौड़ सहित विभिन्न साहसिक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील एवं विकासखंड स्तर पर भी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा, ताकि राज्य स्थापना दिवस का उत्सव व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जा सके।
नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे नागरिक
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ ही प्रदेश के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को केंद्र में रखकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा राज्य आंदोलनकारियों, अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करने पर भी जोर दिया।
शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियों, निबंध लेखन, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यक्रमों में गुणवत्ता, जनभागीदारी और बेहतर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
