देहरादून। शहीद नागेन्द्र सकलानी एवं मोलू भरदारी की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर वामदलों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंकिता भण्डारी को न्याय दिलाने तथा मामले में शामिल वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
उत्तराखण्ड बन्द के दौरान राज्य के प्रमुख वाम दलों—सीपीआई, सीपीएम एवं सीपीआई (माले)—द्वारा गांधी पार्क में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक अंकिता भण्डारी को न्याय नहीं मिल जाता और वीआईपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच का निर्णय जन दबाव में लिया गया है, लेकिन इससे न्याय का रास्ता स्वतः नहीं खुलता। उनका कहना था कि जब तक मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में नहीं होती और भाजपा से जुड़े प्रभावशाली वीआईपी को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक न्याय की कोई गारंटी नहीं है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शुरू से ही सरकार, पुलिस और सरकारी जांच एजेंसियां मामले में लीपापोती करती रही हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड बन्द में भागीदारी करने वाले सभी संगठनों और आम जनता का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि इस जनदबाव से राज्य सरकार अपनी मनमानी पर रोक लगाएगी।
सभा से पूर्व वामदलों द्वारा शहीद नागेन्द्र सकलानी एवं मोलू भरदारी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों शहीदों के बलिदान और योगदान को सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम में जनवादी महिला समिति, सीटू, एटक, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), किसान सभा, एआईएलयू, भीम आर्मी, उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद (आयूपी) सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सभा के बाद गांधी पार्क से संयुक्त जुलूस निकाला गया, जो राजपुर रोड और घंटाघर होते हुए पुनः राजपुर-एस्लेहाल पहुंचकर सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर लेखराज,राजेन्द्र पुरोहित,शिवप्रसाद देवली, अनन्त आकाश,समर भण्डारी, इन्द्रेश मैखुरी, महेन्द्र जखमोला,अशोक शर्मा, नितिन मलेठा,शैलेन्द्र परमार, माला गुरूंग सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
