देहरादून। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून आगमन पर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
मीडिया से बातचीत में गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता अनेक गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय राजनीतिक आयोजनों और प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला केवल एक बेटी को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखण्ड के स्वाभिमान और महिलाओं की सुरक्षा से भी जुड़ा है। प्रदेश की जनता आज भी अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाने और हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी जवाब चाहती है, लेकिन सरकार इन सवालों पर स्पष्टता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने धनतेरस के अवसर पर अमित शाह की सभा आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े संगठन एक नवंबर को दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित रैली का यह कहते हुए विरोध कर रहे थे कि त्योहारों के दौरान ऐसे आयोजन व्यापारियों के हितों के विपरीत हैं। इसके बावजूद धनतेरस जैसे बड़े खरीदारी वाले पर्व पर गृह मंत्री की सभा आयोजित करना भाजपा के दोहरे रवैये को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि त्योहार के दिन व्यापारियों और आम जनता की सुविधा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि की बेटियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का उद्देश्य भाजपा नेतृत्व और केन्द्र सरकार को यह संदेश देना है कि उत्तराखण्ड की जनता अपने अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और न्याय के सवालों पर चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी और जनता की आवाज बनकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
