देहरादून। दिल्ली-देहरादून हाईवे के मौहब्बेवाला क्षेत्र स्थित ब्लैक स्पॉट पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए धर्मपुर विधायक विनोद चमोली एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ दुर्घटनाओं के कारणों और उनके स्थायी समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि उक्त ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग प्रमुख कारण हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विधायक विनोद चमोली ने भी अधिकारियों को त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने के साथ ही दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने तथा स्थानीय लोगों के सुझावों को उसमें शामिल करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित टास्क फोर्स तब तक सक्रिय रूप से कार्य करेगी, जब तक क्षेत्र में दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो जाता। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को 24×7 नियमित पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग करने के साथ ही वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने दुर्घटना स्थल से पहले चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से भारी एवं लोडिंग वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच पर जोर देते हुए उन्होंने चेक पोस्ट के आगे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए राउंडअबाउट सहित आवश्यक ट्रैफिक प्रबंधन उपाय विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े एवं भारी वाहनों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित मार्ग से गुजारने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
जिलाधिकारी ने एनएच एवं एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट का तकनीकी रूप से पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की डिजाइन, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी, यातायात दबाव सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी तकनीकी कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी एवं स्थायी समाधान तैयार किया जा सके।
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत से उन्होंने ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त साइनेज, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर एवं स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र की जानकारी वाहन चालकों को पहले से देने के लिए स्पष्ट एवं पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए जाएं तथा वाहनों की गति की नियमित निगरानी की जाए। पुलिस एवं परिवहन विभाग को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई के साथ वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभावी उपायों के साथ-साथ स्थायी एवं तकनीकी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करें।
निरीक्षण के दौरान एनएच, एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
