देहरादून, 30 मार्च । उत्तराखण्ड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला ने देश एवं प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिला अपराधों तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध सरकार की विफल नीतियों और कमजोर कानून व्यवस्था का परिणाम हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में भाजपा से जुड़े कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं उनके करीबी लोगों पर दुष्कर्म, यौन शोषण और महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन केंद्र एवं राज्य सरकारें इन मामलों में निष्पक्ष एवं ठोस कार्रवाई करती दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड, जो शांति, पर्यटन और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता रहा है, आज महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित प्रदेश में घटित कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाया।
रौतेला ने महिला अपराध के बढ़ते आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में 3431, वर्ष 2022 में 4337, वर्ष 2023 में 3808, वर्ष 2024 में 4000 से अधिक तथा वर्ष 2025 में 4200 से अधिक मामले दर्ज किए गए। उनके अनुसार, यह आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह असफल रही है।
प्रदेश में हाल के वर्षों में हुई विभिन्न महिला अपराध घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्वस्त कानून व्यवस्था के कारण राजधानी देहरादून अपराधियों एवं माफियाओं की शरणस्थली बनती जा रही है तथा हाल के समय में कई गंभीर अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं।
पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, जिलाध्यक्ष पूनम कण्डारी, महासचिव सुशीला शर्मा एवं सावित्री थापा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
