देहरादून। आईटी पार्क क्षेत्र में हर वर्ष मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव एवं फ्लैश फ्लड की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। सिंचाई विभाग के माध्यम से विस्तृत हाइड्रोलॉजिक सर्वेक्षण कराकर एकीकृत बाढ़ शमन योजना (इंटीग्रेटेड फ्लड मिटिगेशन प्लान) तैयार कर ली गई है। योजना की डीपीआर स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

आज ऋषिपर्णा सभागार में रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ) एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की उपस्थिति में आयोजित बैठक में एनआईवीवी कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।रिपोर्ट के अनुसार आईटी पार्क क्षेत्र लगभग 4.91 वर्ग किलोमीटर के ऊंचे जलग्रहण क्षेत्र से घिरा है, जहां पहाड़ों से तेज़ी से आने वाला वर्षाजल एकत्र होता है। तेजी से हुए शहरीकरण और पक्के निर्माणों के कारण वर्षाजल का भू-जल में समावेश कम हो गया है, जिससे क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बन गया है। वर्तमान भूमिगत ड्रेनेज प्रणाली भी बढ़ते जल प्रवाह को संभालने में सक्षम नहीं है।
सर्वेक्षण रिपोर्ट में बाढ़ की तीव्रता कम करने के लिए कई वैज्ञानिक उपाय सुझाए गए हैं। इनमें सहस्रधारा हेलीपैड से नीचे लगभग 1.2 किलोमीटर क्षेत्र में प्राकृतिक चेकडैमों की श्रृंखला का निर्माण, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जल संरक्षण कार्य, तथा नदियों एवं बरसाती नालों के किनारों का तकनीकी विकास कर जल निकासी को सुचारू बनाना शामिल है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि भारी वर्षा के दौरान सड़कों पर जलभराव से यातायात बाधित होता है, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तथा व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है और डीपीआर स्वीकृत होते ही सुरक्षात्मक एवं निर्माण कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंता तथा कंसलटेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित