गोपेश्वर चमोली। चमोली जनपद में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली सोमवार को विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ उनके शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर में विराजमान हो गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान रुद्रनाथ जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट शनिवार देर शाम शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। कपाट बंद होने के बाद भगवान की उत्सव डोली ने धाम से गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के लिए पैदल प्रस्थान किया। सोमवार को गोपेश्वर पहुंचने पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने ढोल-दमाऊं की गूंज और भजन-कीर्तन के बीच डोली का भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
शीतकाल के आगामी छह महीनों तक भगवान रुद्रनाथ जी की नियमित पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान गोपीनाथ मंदिर में ही संपन्न किए जाएंगे। इससे श्रद्धालु शीतकाल के दौरान भी भगवान के दर्शन कर सकेंगे और उनकी पूजा-अर्चना में शामिल हो पाएंगे।
उल्लेखनीय है कि भगवान रुद्रनाथ जी उत्तराखंड के पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में पूजित हैं। हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य स्थित रुद्रनाथ धाम में भगवान शिव के मुखारविंद के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। इस वर्ष यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल मार्ग तय कर रुद्रनाथ धाम पहुंचे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने के साथ ही रुद्रनाथ धाम की शीतकालीन पूजा परंपरा का विधिवत शुभारंभ हो गया है।
