हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग कर कुमाऊं मंडल के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, समर्पण और अनुभव से समाज एवं राष्ट्र को निरंतर दिशा देने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और सैनिकों तथा उनके परिवारों के त्याग एवं संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है, जिसने दरबान सिंह नेगी, गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बी.सी. जोशी और जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूत देश को दिए हैं।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य सामर्थ्य मजबूत हुआ है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। ‘वन रैंक-वन पेंशन’ लागू कर पूर्व सैनिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय-सीमा दो से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य उपस्थित रहे।