देहरादून, 02 मई (सूचना विभाग)। जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने कड़ा कदम उठाते हुए दो आदतन अपराधियों को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी आसिफ पुत्र राशिद (निवासी मुस्लिम बस्ती, विकासनगर) तथा राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप (निवासी जीवनगढ़, विकासनगर) को जनपद की सीमा से बाहर रखने के आदेश जारी किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की आख्या और कोतवाली विकासनगर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। अभियुक्त आसिफ के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अनेक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें लूट, अवैध हथियार और अन्य अपराध शामिल हैं।
इसी प्रकार राहुल कश्यप के खिलाफ भी चोरी, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम और अन्य धाराओं में कई मुकदमे पंजीकृत पाए गए हैं। दोनों आरोपियों की छवि क्षेत्र में खतरनाक एवं दुस्साहसी अपराधियों के रूप में रही है, जिससे आमजन में भय का माहौल बना हुआ था।प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्तों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन पर्याप्त अवसर के बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति दर्ज कराई।
उपलब्ध साक्ष्यों और आपराधिक इतिहास के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने दोनों को गुंडा घोषित करते हुए अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत 6 माह के लिए देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही बिना अनुमति जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है और निवास स्थान की सूचना संबंधित थाना व न्यायालय को देने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के उल्लंघन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
