देहरादून, दिनांक 22 अप्रैल (सूवि)। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जिला प्रोबेशन अधिकारी, देहरादून के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग, उत्तराखंड द्वारा जनपद में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में विकासनगर क्षेत्र के ग्राम छरबा स्थित मदरसा तथा देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र चंदन नगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1098 के महत्व एवं उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह, बच्चों के प्रति लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पोक्सो एक्ट), गुड टच-बैड टच, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तथा किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) की भूमिका एवं कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।
जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम छरबा में कुल 55 तथा रेसकोर्स क्षेत्र में 25 बच्चों ने सक्रिय सहभागिता की। बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी सरल एवं संवादात्मक माध्यम से दी गई।छरबा में सुपरवाइजर रक्षा रावत ने बताया कि बच्चों एवं महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी, देहरादून ने कहा कि जनपद में बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही बाल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में छरबा क्षेत्र से चाइल्ड हेल्पलाइन देहरादून की ओर से सुपरवाइजर रक्षा रावत, स्मृति एवं प्रदीप उपस्थित रहे, जबकि रेसकोर्स क्षेत्र में सुपरवाइजर सरिता रानी, हिमांशु (वर्कर), सविता गोगिया एवं रजनीश ने सहभागिता की।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बच्चे के साथ हो रहे शोषण, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर सहयोग प्रदान करें।
