देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान, गढ़ीकैंट में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में गढ़वाल रेजीमेंट के वीर जवानों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा में उनके साहस, शौर्य एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सैनिक उनके परिवार का हिस्सा हैं और त्योहारों पर घर-परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करना उनकी अद्वितीय राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने सैनिक परिवार से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए अमर शहीद जसवंत सिंह रावत सहित देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सैन्य शक्ति मजबूत हुई है। राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। साथ ही शहीद आश्रितों को सरकारी नौकरी देने और आवेदन की समय-सीमा दो से बढ़ाकर पांच वर्ष करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्यधाम का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने अपने सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक सैनिक परिवार में हुआ है। उनके पिता ने सेना में रहते हुए देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के जो संस्कार दिए, वे आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सैन्य शक्ति और सामरिक क्षमता निरंतर सुदृढ़ हो रही है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनन्द स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, कर्नल प्रतुल थपलियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल रवि मोहन बिष्ट, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित जोशी, लेफ्टिनेंट कर्नल एस.एस. सिद्दीकी, मेजर के.डी. सिंह एवं सूबेदार मेजर रघुवीर सिंह भण्डारी सहित सैन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।
