देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत आज डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जनता ने बड़ी संख्या में भागीदारी कर भाजपा सरकार की नीतियों और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों के खिलाफ आवाज बुलंद की। न्याय यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और प्रदेश की अस्मिता से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का संकल्प दोहराया।

यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक जोत सिंह गुंसोला, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण तथा पूर्व प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह बिष्ट सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए भाजपा सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी और उसकी हत्या ने पूरे प्रदेश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था। इस जघन्य हत्याकांड में न्याय की मांग आज भी उत्तराखंड की जनता और विशेषकर प्रदेश की मातृशक्ति के मन में बनी हुई है। प्रदेश की महिलाएं और बेटियां लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच, सभी संदिग्ध पहलुओं के खुलासे और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग कर रही हैं।
गोदियाल ने कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों और इस मामले में नाम सामने आने वाले व्यक्ति को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका को लेकर प्रदेश में लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, तब सरकार को इन सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का नाम सामने आने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे संवेदनशील मामले में जवाबदेही से बचना और न्याय की मांग कर रही जनता की भावनाओं की अनदेखी करना उचित नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा प्रदेश की अस्मिता, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। आज वही मातृशक्ति अपनी बेटी अंकिता के लिए न्याय मांग रही है। भाजपा सरकार एक ओर महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े अनुत्तरित सवालों पर प्रदेश की जनता संतोषजनक जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की माताओं-बहनों के सम्मान और भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाली राजनीति को प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
गोदियाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अंकिता को न्याय दिलाने की आवाज को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाए। उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान और न्याय के इस संघर्ष में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आगामी समय में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भाजपा को उसके कार्यों और महिला सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देगी तथा जनता की भावनाओं की अनदेखी करने वालों को सबक सिखाएगी।
न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में परेशान है, महंगाई से आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े सवाल भी प्रदेश के सामने गंभीर चुनौती के रूप में मौजूद हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड न्याय यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और अधिकारों को सामने लाने का जनसंपर्क अभियान है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी जनता के बीच पहुंचकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगी और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने संकल्प व्यक्त किया कि जनता के अधिकारों, अंकिता भंडारी को न्याय, महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और उत्तराखंड की अस्मिता की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। प्रदेश की जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा सरकार को जवाबदेह बनाने का संघर्ष जारी रखा जाएगा।
