गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेल विकास, महिला एवं बाल कल्याण तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन, बुनियादी सुविधाओं के विकास और पात्र लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाना है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत अटल आयुष्मान योजना के लिए ₹100 करोड़ तथा राज्य कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए ₹125 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार दोनों योजनाओं के लिए कुल ₹225 करोड़ की व्यवस्था की गई है। अटल आयुष्मान योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जबकि गोल्डन कार्ड योजना के तहत राज्य कर्मचारियों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों सहित नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पूंजीगत मद में लगभग ₹160 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। इस धनराशि से चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के बुनियादी ढांचे और आवश्यक सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को NEET, JEE और CLAT जैसी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु ₹5 करोड़ रखे गए हैं। इन प्रावधानों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
खेलों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनुपूरक बजट में विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। खेल विश्वविद्यालय के लिए लगभग ₹35 करोड़, चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए ₹10 करोड़ तथा आगामी राष्ट्रीय खेलों से पूर्व खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविरों के लिए ₹8 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति के लिए लगभग ₹5.50 करोड़ और ओपन जिम की स्थापना के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन मदों के लिए कुल लगभग ₹63.50 करोड़ प्रस्तावित हैं।
महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं कल्याण के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0-पोषण अभियान के अंतर्गत लगभग ₹60 करोड़ तथा भोजन माताओं के मानदेय के लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार इन दोनों मदों के लिए कुल लगभग ₹80 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इन प्रावधानों का उद्देश्य पोषण संबंधी कार्यक्रमों और आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निराश्रित विधवा पेंशन के लिए लगभग ₹27 करोड़ तथा विभिन्न कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए लगभग ₹93 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए लगभग ₹2 करोड़ और मुख्यमंत्री बाल सानिध्य योजना के लिए ₹1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त बजट संसाधन प्रस्तावित किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेल सुविधाओं, महिला एवं बाल कल्याण और सामाजिक सुरक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार के इन बजटीय प्रस्तावों का उद्देश्य संबंधित योजनाओं की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना और विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना है।
