देहरादून। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के आह्वान पर आज आशा कार्यकत्रियों ने लंबित मांगों को लेकर गांधी पार्क से सचिवालय तक विशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के राज्य सचिव लेखराज, यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, प्रांतीय कोषाध्यक्ष कलावती चंदोला, महामंत्री लोकेश देवी एवं जिला अध्यक्ष सुनीता चौहान ने किया।

प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इसमें आशाओं को सम्मानजनक मासिक वेतन एवं कर्मचारी का दर्जा देने, ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं एकमुश्त धनराशि, आशाघरों की स्थापना तथा मुख्यमंत्री द्वारा 3 मार्च 2024 को मानदेय वृद्धि के दिए गए आश्वासन को पूरा करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी आर्थिक सुरक्षा एवं उचित पारिश्रमिक की मांगों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन को सीपीआई (एम) के जिला सचिव एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिव प्रसाद देवली तथा सीटू के जिला सचिव हिमांशु चौहान ने भी समर्थन दिया।
प्रदर्शन का समापन मुख्यमंत्री के ओएसडी भुवन चंद जोशी एवं नगर मजिस्ट्रेट की ओर से आशा कार्यकत्रियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद हुआ। यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 11 नवंबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही 18, 19 एवं 20 नवंबर को सचिवालय में आयोजित सीटू के महापड़ाव में आशा कार्यकत्रियां व्यापक भागीदारी करेंगी।
