उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन पहाड़ों को कभी विकास की राह में बाधा माना जाता था, आज वही पहाड़ विकास, पर्यटन, निवेश और स्वरोजगार की नई-नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जनपदों में पर्यटन और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आर्थिक गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं हैं। बेहतर सड़क संपर्क, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विकास से इन संभावनाओं को साकार करने में मदद मिलेगी। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वरोजगार तथा ग्रामीण परिवारों को अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे और स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण भी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वयं सहायता समूहों, सिलाई-बुनाई, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय कौशल और उत्पादों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है तथा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड के पहाड़ केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण आधार भी हैं। पर्यटन, निवेश, शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं साकार की जा सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करने की मजबूरी न हो और उन्हें अपने गांव एवं क्षेत्र में ही आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों।
कार्यक्रम में पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
