देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उद्योग जगत तथा निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ स्टेट स्किल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य एवं जनपद स्तर पर रोजगार की संभावनाओं, उद्योगों की मांग और उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं के आधार पर कौशल विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों के डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान शीघ्र तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपदों में रोजगार के अवसरों, कौशल की मांग और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाए। जिन क्षेत्रों में रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन आवश्यक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिह्नित कर संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं और प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के अंतर को दूर करना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण लक्ष्यों का आकलन कर प्रभावी योजना बनाई जाए। साथ ही, उभरते हुए कौशल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने तथा इस संबंध में सेतु आयोग के अध्ययन का उपयोग करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर जोर देते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने के साथ ही उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सचिव सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डे, अनुराधा पाल, नरेन्द्र सिंह भण्डारी, भारतीय उद्योग संघ (उत्तराखण्ड) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सीआईआई (यूके) के निदेशक गौरव लांबा, बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर के डॉ. सचिन शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
